बस्तर विकास प्राधिकरण एक मंच जिसमें क्षेत्र के विकास पर होती है चर्चा- उद्योग मंत्री लखमा

वन अधिकार पट्टों का  करे निराकरण - लखेश्वर बघेल


जगदलपुर 25 अगस्त 2021। बस्तर विकास प्राधिकरण एक ऐसा मंच है जहां  क्षेत्रीय  विकास पर चर्चा की जाती है। उद्योग एवं जिला के प्रभारी मंत्री  कवासी लखमा  ने आज प्राधिकरण की बैठक में उक्ताशय  से के उद्गार व्यक्त किया।

 उन्होंने आगे कहा कि कोरोना काल में काम बहुत कम हुआ है। अब कोरोना का प्रभाव कम हो रहा है तो हमें बेहतर कार्य करके दिखाना होगा। गोधन न्याय योजना, गौठानों को बेहतर करना, जल जीवन मिशन के कार्यों को अच्छे से सम्पादित करना है और वन अधिकार के पट्टा के प्रकरणों को नियमानुसार जांच करके निराकरण कराना है।

प्राधिकरण के अध्यक्ष  लखेश्वर बघेल ने कहा कि वन अधिकार मान्यता पत्रक के प्रकरणों को नियमानुसार निराकरण कर पात्र हितग्राहियों को लाभ दिया जाए। साथ ही विभिन्न विभागीय मदों तथा बस्तर विकास प्राधिकरण मद के स्वीकृत कार्यों का समय पर पूर्ण कराने जायें। बैठक में जनहित की आयी मांगों और सुझावों का प्राधिकरण द्वारा समय पर निराकरण किया जाना चाहिये। सभी कलेक्टरों से प्राधिकरण में स्वीकृत कार्यों को समय पर पूर्ण कराने की आशा की जाती है। 

 बैठक में मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल द्वारा दिए गए निर्देशो में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल निर्माण हेतु जमीन आबंटन तथा निर्माण, आदिवासी संग्राहलय स्थापित करने हेतु राशि की उपलब्धता और गृह निर्माण मंडल द्वारा सभी जिलों में किये जा रहे निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा किया गया। इस अवसर पर हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी को निर्माण कार्य को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए गये। मंत्री श्री लखमा ने सभी समाजों  के लिए भवनों की स्वीकृति तथा जमीन आबंटन की स्थिति का भी कलेक्टरों से जानकारी ली। जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री लखमा ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मण्डल के अधिकारी को  गांवों में  निर्माण कार्य पूर्ण होने पर संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को ले जाकर अवलोकन करवाने के निर्देश दिए। 

बस्तर संभाग के जिलों में सांस्कृतिक धरोहरों एवं आदिवासी संस्कृति के अभिलेखीकरण के कार्यों के संबंध में सभी जिलों के सहायक आयुक्तों से जानकारी लेने के भी निर्देश दिए गये।  साथ ही ऐतिहासिक, धार्मिक पर्यटन स्थलों के पर्यावरणीय संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को पर्यटन समिति के माध्यम से रोजगार के अवसर देने के निर्देश दिए गए। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष  विक्रम मण्डावी ने जिलों मे स्थित पर्यटन केद्रों पर फोकस  करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को कहा। बैठक में स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध संसाधनों के विषय पर चर्चा के दौरान जनप्रतिनिधियों ने मांग रखी कि डीएमएफ मद की राशि का कुछ हिस्सा पेयजल स्वास्थ्य, शिक्षा पर खर्च किया जाना चाहिये। 

बैठक में विधानसभा उपाध्यक्ष  मनोज मण्डावी, सांसद बस्तर  दीपक बैज, कांकेर सांसद  मोहन मंडावी, संसदीय सचिव द्वय  रेखचन्द जैन,  शीशुपाल शोरी, हस्थशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष  चंदन कश्यप, विधायक चित्रकोट  राजमन बेंज़ाम, विधायक दंतेवाड़ा श्रीमती देवती कर्मा, विधायक अंतागढ़  अनूप नाग, प्राधिकरण के सदस्य सातो जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष, तीन मनोनीत सदस्य सहित कमिश्नर  जी आर चुरेंद्र, कलेक्टर दंतेवाड़ा  दीपक सोनी, कांकेर कलेक्टर  चंदन कुमार, बीजापुर कलेक्टर रितेश अग्रवाल, नारायणपुर कलेक्टर  धर्मेश साहू, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, सीईओ जिला पंचायत बस्तर सुश्री ऋचा चौधरी सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

 इस अवसर पर जिला प्रशासन दन्तेवाड़ा द्वारा सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।